मुझसे अब मेरे हालात ना पूछा करो

मुझसे अब मेरे हालात ना पूछा करो
ऐसे ही, बस यूं ही ना पूछा करो
तुम बस तकल्लुफ़ करके चले जाओगे
और हमें फिर से सवालो मे छोड़े जाओगे

मुझसे अब मेरे हालात ना पूछा करो
कि शायद तुम सच सुनना ना चाहो
और मैं इसी इंतज़ार में जी रहा हूँ 
कि कोई एक बार हमसे हमारे हाल पूछ ले

मुझसे अब मेरे हालात ना पूछा करो
कि क्या जवाब दूँ, इस सोच मे उम्र गुज़र जाए
कि कैसे कह दूँ तुम्हें कि मेरा रक़ीब मेरी ज़िंदगी जी रहा है
और उसके पहलू में तुम हँस कर ये सवाल किए जाते हो

मुझसे अब मेरे हालात ना पूछा करो
कि किस्मत से अब हमने समझौता कर लिया है
कि वो नाकामी कि चादर ओढ़ कर हमें सोने देगा
और सच से हमें रु-ब-रु ना होना होगा

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