एक ही है ना

तू कहती है हम एक जैसे नही
पर कहानी तो हमारी एक ही है ना

जो तेरे आँखों को चूमता सुरमा है
तो मेरे आँखों के नीचे काले घेरे भी हैं ना

जो तेरे कदमों की पदचाप है
वो मेरे दिल की धड़कन भी है ना

जो तेरे जिस्म की खुशबू है
वो मेरे लिए इत्र भी है ना

जो तेरे मुस्कान की लाली है
वो मेरे लहू को रंगती भी है ना

तू कहती है हम एक जैसे नही
पर ज़िंदगानी तो हमारी एक ही है ना

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